BUSINESS PERFORMANCE AND ECONOMIC CONTRIBUTION OF RELIGIOUS-HISTORICAL TOURISM IN DHAR DISTRICT

Original Article

Business performance and economic contribution of religious-historical tourism in Dhar district

धार जिले के धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन का कारोबारी प्रदर्शन और आर्थिक योगदान

 

0BAnil Mawi 1*, Dr. N.K. Patidar 2

1B1 Research Scholar, Vikram University, India

2B2 Professor of Commerce, Government M.G. College, Jawad, Neemuch, Madhya Pradesh, India

 

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ABSTRACT

English: Dhar District, situated in the western part of Madhya Pradesh, is a region of significant historical and religious importance. Its cultural heritage and religious sites attract not only local visitors but also national and international tourists. In this research paper, we will conduct an in-depth analysis of the business performance and economic contribution of religious and historical tourism in Dhar District, thereby elucidating the manner in which this region contributes to the Indian tourism industry.

 

Hindi: मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में बसा धार ज़िला, ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का एक बहुत बड़ा इलाका है। इसकी सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक जगहें न सिर्फ़ लोकल विज़िटर्स को बल्कि देश और विदेश के टूरिस्ट्स को भी अपनी ओर खींचती हैं। इस रिसर्च पेपर में, हम धार ज़िले में धार्मिक और ऐतिहासिक टूरिज़्म के बिज़नेस परफ़ॉर्मेंस और आर्थिक योगदान का गहराई से एनालिसिस करेंगे, जिससे यह साफ़ होगा कि यह इलाका भारतीय टूरिज़्म इंडस्ट्री में कैसे योगदान देता है।

 

Keywords: Dhar District, Madhya Pradesh, Religious Tourism, Historical Tourism, Cultural Heritage, Tourism Industry, Economic Contribution, Business Performance, Tourist Attractions, Indian Tourism, धार जिला, मध्य प्रदेश, धार्मिक पर्यटन, ऐतिहासिक पर्यटन, सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन उद्योग, आर्थिक योगदान, व्यापार प्रदर्शन, पर्यटक आकर्षण, भारतीय पर्यटन

 


प्रस्तावना

धार जिला, मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण क्षेत्र है। यहां की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक स्थल न केवल स्थानीय बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। इस शोध पत्र में, हम धार जिले के धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के कारोबारी प्रदर्शन और आर्थिक योगदान का गहन विश्लेषण करेंगे, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि यह क्षेत्र भारतीय पर्यटन उद्योग में किस प्रकार योगदान कर रहा है।

चित्र -1

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अपने प्रारंभिक समय से लेकर आज तक धार भारतीय संस्कृति, धर्म और अध्यात्म तथा दर्शन के लिए मध्य प्रदेश का एक महत्त्वपूर्ण शहर बना हुआ है। भौगोलिक और राजनीतिक स्थिति के अनुसार, धार जिला मध्य प्रदेश के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है। इसके उत्तर में रतलाम और उज्जैन जिले तथा दक्षिण-पूर्व में पूर्वी निमाड़ क्षेत्र है। जबकि पूर्व में इन्दौर और पश्चिम में झाबुआ जिले हैं।

धार सहीत यह संपूर्ण मालवा क्षेत्र भारत के धार्मिक और सांस्कृतिक मानचित्र में अति प्राचीनकाल से ही रहा है। अपने प्रारंभिक दौर से ही यहां के लोगों ने अपने आपको ललित कला, चित्रकारी, नक्काशी, संगीत व नृत्य इत्यादि में संलिप्त रखा था (https://dharmwani.com/history-of-dhar-mp/)

 

एक दृष्टि में धार जिला

धार जिला मध्य प्रदेश के पश्चिमी भाग में स्थित है और ऐतिहासिक, सांस्कृतिक तथा धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यहाँ की प्राचीन धरोहर, स्थापत्य कला, और धार्मिक स्थल न केवल स्थानीय लोगों बल्कि देश-विदेश के पर्यटकों को भी आकर्षित करते हैं। नीचे धार जिले का एक विस्तृत परिचय प्रस्तुत किया गया है:

 

प्रशासनिक संरचना

तहसील (Tehsils) – 9

धार जिले को प्रशासनिक दृष्टि से 9 तहसीलों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक तहसील स्थानीय प्रशासन, राजस्व वसूली और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तरदायी होती है।

विकास खंड (Blocks) – 13

जिले में कुल 13 विकास खंड हैं जो ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन एवं क्षेत्रीय विकास का कार्य करते हैं।

पुलिस थाने (Police Stations) – 24

जिले में कुल 24 पुलिस थाने कार्यरत हैं जो जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराध नियंत्रण एवं जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने का कार्य करते हैं।

शहरी निकाय (Urban Bodies) – 11

धार जिले में 11 शहरी निकाय हैं, जिनके अंतर्गत नगरपालिका परिषद, नगर पंचायत आदि आते हैं। ये निकाय शहरी क्षेत्रों में नागरिक सुविधाएँ, स्वच्छता, सड़कें, जल व्यवस्था आदि का संचालन करते हैं।

संसदीय क्षेत्र (Parliamentary Constituency) – 1

धार जिला एक लोकसभा (संसदीय) क्षेत्र में आता है, जिससे चुने गए सांसद संसद में जिले का प्रतिनिधित्व करते हैं।

विधानसभा क्षेत्र (Assembly Constituencies) – 7

जिले में 7 विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनसे चुने गए विधायक राज्य विधानसभा में जिले की समस्याओं और विकास से जुड़ी नीतियों पर कार्य करते हैं।

 

भौगोलिक स्थिति

कुल क्षेत्रफल – 8,153 वर्ग किलोमीटर

धार जिला मध्य प्रदेश के बड़े जिलों में से एक है। यहाँ समतल मैदान, पहाड़ियाँ, वन क्षेत्र और नदी-झीलों का सुंदर मिश्रण देखने को मिलता है। जिले की भौगोलिक विविधता इसे कृषि, पर्यटन और विकास के लिए उपयुक्त बनाती है।

 

जनसांख्यिकी (Demographics)

कुल जनसंख्या – 21,85,793

धार जिले की कुल जनसंख्या 21.85 लाख (2011 की जनगणना अनुसार) है। जिले में ग्रामीण जनसंख्या का अनुपात अधिक है, लेकिन शहरीकरण भी धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

जनसंख्या वृद्धि दर – 25.60%

पिछली जनगणना के मुकाबले जिले में 25.60% की जनसंख्या वृद्धि दर्ज की गई है, जो प्राकृतिक वृद्धि के साथ-साथ आंतरिक प्रवासन को भी दर्शाती है।

 

अर्थव्यवस्था और विकास (Economy and Development)

धार जिला मुख्य रूप से कृषि प्रधान क्षेत्र है, जहाँ गेहूँ, चना, सोयाबीन और मक्का जैसे प्रमुख फसलों की खेती होती है। इसके अतिरिक्त, धार जिले में छोटे व मझोले उद्योग (SMEs) और धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन का भी तेजी से विकास हो रहा है।

पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार मिल रहा है और होटल, रेस्टोरेंट, ट्रैवल एजेंसी, और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियाँ तेज़ हो रही हैं।

 

प्रमुख विशेषताएँ (Key Highlights)

ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व:

धार किला, भोजेश्वर मंदिर, कांची का मंदिर, और अन्य ऐतिहासिक स्थल इस जिले की सांस्कृतिक समृद्धि को दर्शाते हैं।

पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहर:

जिले में अनेक धार्मिक मेले, उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करते हैं।

संभावनाओं से भरपूर जिला:

कृषि, उद्योग, पर्यटन और सांस्कृतिक विविधता के कारण धार जिला विकास की अनेक संभावनाओं से युक्त है।

 

धार जिले का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

धार जिला मध्य प्रदेश राज्य में स्थित है और इसका ऐतिहासिक महत्व प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है। इस क्षेत्र में कई प्राचीन मंदिर, किलों, और स्थापत्य कला के उदाहरण हैं जो इसे ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बनाते हैं। धार्मिक दृष्टि से धार जिले में स्थित प्रमुख स्थल जैसे:

·        कांची का मंदिर: यह हिंदू धर्म का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जो भगवान शिव को समर्पित है।

·        भोजेश्वर मंदिर: यह प्राचीन शिल्प और वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है।

·        धार किला: एक ऐतिहासिक किला, जो राजा भोज द्वारा निर्मित किया गया था।

इन धार्मिक-ऐतिहासिक स्थलों को देखते हुए यह जिला पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन चुका है। इसका पर्यटन क्षेत्र लगातार बढ़ रहा है और इसके व्यापारिक और आर्थिक प्रभाव भी महत्वपूर्ण हैं।

 

ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन का कारोबारी प्रदर्शन

धार जिला मध्यप्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है | धार जिले का पर्यटन के दृष्टिकोण से विशेष महत्व है | धार जिले की समृद्ध ऐतिहासिक परंपरा रही है एवं जिले में कई ऐतिहासिक महत्व के स्थल मौजूद हैं | धार नगर अपने आप में अतिप्राचीन होकर यहाँ भोजशाला, धार का किला, राजाओं की छत्री, राजवाड़ा, धारेश्वर मंदिर, कालिका मंदिर, आनन्देश्वर मंदिर, लाट मस्जिद आदि अनेक दर्शनीय स्थल स्थित हैं | धार जिले का माण्डव विश्व विख्यात ऐतिहासिक पर्यटन स्थल है जहाँ प्रतिवर्ष हजारों विदेशी पर्यटक भ्रमण पर आते हैं | माण्डव का जहाज महल, रानी रूपमती महल, हिंडोला महल, जामी मस्जिद, नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, श्रीराम मंदिर, हाथी दरवाजा आदि प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं | माण्डव के नजदीक ही अश्मधा फॉसिल पार्क में डायनासोर के अंडे एवं पुरातात्विक अवशेष संग्रहित किये गए हैं | बाग स्थित बौद्ध कालीन गुफाएँ अतिप्राचीन होकर जिले के समृद्ध इतिहास का प्रमाण हैं | बाग में जीवाश्म अभ्यारण्य की स्थापना की गयी है, जिसमें प्राचीन वृक्षों एवं डायनासोर के जीवाश्म संग्रहित किये गए हैं | इसके अतिरिक्त निसरपुर जनपद पंचायत के ग्राम कोटेश्वर में नर्मदा किनारे बना मंदिर एवं घाट, सादलपुर का जल महल, अमझेरा का किला व अमका झमका मंदिर, मोहनखेड़ा जैन तीर्थ, भोपावर स्थित शांतिनाथजी का मंदिर, गंगा महादेव, बदनावर का उड़िया मंदिर आदि प्रमुख दर्शनीय स्थल हैं (https://dhar.nic.in/%E0%A4%AA%E0%A4%) |

 

पर्यटकों की संख्या और प्रवृत्तियाँ

धार जिले में धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की ओर आने वाले पर्यटकों की संख्या में पिछले कुछ वर्षों में वृद्धि देखी जा रही है। यहां आने वाले पर्यटकों का मुख्य उद्देश्य धार्मिक यात्रा, सांस्कृतिक अनुभव और ऐतिहासिक स्थलों का दर्शन करना होता है। इस क्षेत्र में पर्यटकों की संख्या के आधार पर निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देना आवश्यक है:

·        समीक्षात्मक डेटा: पिछले 5 वर्षों में पर्यटकों की संख्या में 10-15% की वृद्धि हुई है।

·        आकर्षण क्षेत्र: कांची का मंदिर, भोजेश्वर मंदिर, और धार किला पर्यटकों के मुख्य आकर्षण केंद्र रहे हैं।

·        पर्यटक प्रवृत्तियाँ: अधिकांश पर्यटक धार्मिक यात्रा के उद्देश्य से आते हैं, जबकि कुछ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को भी देखने का आनंद लेते हैं।

 

पर्यटन से संबंधित व्यापारिक गतिविधियाँ

धार जिले में पर्यटन से संबंधित कई व्यवसायों का विकास हुआ है। इन व्यवसायों का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को आवश्यक सेवाएँ प्रदान करना है। इनमें निम्नलिखित व्यवसाय शामिल हैं:

 

होटल उद्योग

पर्यटन की बढ़ती संख्या के साथ होटल और गेस्ट हाउस की संख्या में वृद्धि हुई है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को रोजगार और व्यापार में वृद्धि हुई है।

 

यात्रा एजेंसियाँ

 कई स्थानीय यात्रा एजेंसियाँ धार जिले के ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के पर्यटन पैकेज प्रदान करती हैं। ये एजेंसियाँ पर्यटकों के लिए पैकेज, ट्रांसपोर्टेशन और गाइड सेवाएँ प्रदान करती हैं।

 

रेस्तरां और कैफे

 पर्यटन के बढ़ने से स्थानीय खाद्य उद्योग को भी बढ़ावा मिला है। पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार के स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय व्यंजन उपलब्ध कराए जाते हैं।

 

स्थानीय हस्तशिल्प और शिल्प बाजार

पर्यटकों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री भी बढ़ी है। खासकर, क्षेत्रीय शिल्पकारों द्वारा बनाए गए सामानों की बिक्री में वृद्धि हुई है।

 

रोजगार सृजन

धार जिले में पर्यटन उद्योग के विस्तार के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित हुए हैं। पर्यटन से जुड़े निम्नलिखित क्षेत्रों में रोजगार की संभावना बढ़ी है:

 

होटल और रिसॉर्ट्स

 इन उद्योगों में काम करने के लिए स्थानीय कर्मचारियों की आवश्यकता होती है। इसमें होटल मैनेजर, कैशियर, कुक, सफाई कर्मचारी, और अन्य कर्मचारी शामिल हैं।

 

पर्यटन गाइड

स्थानीय गाइड जो पर्यटकों को ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं, उनकी संख्या भी बढ़ी है।

 

दुकानदार और शिल्पकार

स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों की बिक्री से शिल्पकारों और दुकानदारों को फायदा हुआ है। यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

 

धार जिले में धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के आर्थिक योगदान का विश्लेषण

पर्यटन से आय का स्रोत

पर्यटन उद्योग धार जिले के लिए एक प्रमुख आय का स्रोत बन चुका है। पर्यटकों द्वारा किए गए खर्च का विश्लेषण करने पर निम्नलिखित आँकड़े सामने आते हैं:

 

औसत खर्च

 एक पर्यटक औसतन 1000 से 2000 रुपये प्रति दिन खर्च करता है, जिसमें आवास, भोजन, यात्रा, और शिल्प खरीदारी शामिल है।

 

 

 

 

 

पर्यटन राजस्व

 पर्यटन से जिला प्रशासन को प्राप्त होने वाला राजस्व स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। यह मुख्य रूप से होटल टैक्स, प्रवेश शुल्क, और अन्य शुल्क के रूप में आता है।

 

 स्थानीय व्यापार में वृद्धि

पर्यटन के कारण स्थानीय व्यापारों में भी वृद्धि देखी गई है, जैसे कि ट्रांसपोर्ट सेवाएँ, कैफे और रेस्तरां।

 

संरचनात्मक और बुनियादी ढांचे का विकास

धार जिले में पर्यटन के विकास के साथ बुनियादी ढांचे में भी सुधार हुआ है:

 

 सड़क और परिवहन

प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुँचने के लिए सड़क नेटवर्क का विकास हुआ है। सरकार ने इस क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाएँ शुरू की हैं।

 

 स्वास्थ्य सेवाएँ

पर्यटकों की बढ़ती संख्या के कारण स्वास्थ्य सेवाओं में भी सुधार हुआ है। आसपास के इलाकों में अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की संख्या बढ़ी है।

 

समस्याएँ और चुनौतियाँ

इन्फ्रास्ट्रक्चर की कमी

धार जिले में कई स्थानों पर पर्यटन के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा अभी भी नहीं है। विशेष रूप से, ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटकों के लिए सुविधाओं की कमी हो सकती है। साथ ही, पार्किंग, वॉशरूम, और पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव देखा जाता है।

 

 पर्यावरणीय प्रभाव

धार जिले में पर्यटन के बढ़ते दबाव के कारण कुछ ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों पर पर्यावरणीय प्रभाव पड़ रहा है। साथ ही, बढ़ते कचरे और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को भी ध्यान में रखना आवश्यक है।

 

स्थानीय संस्कृति और परंपरा का संरक्षण

पर्यटन के प्रभाव से स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का संरक्षण चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अधिक पर्यटकों के आगमन से स्थानीय जीवनशैली और सांस्कृतिक प्रथाओं में बदलाव आ सकता है।

 

 

 

सुधारात्मक उपाय और भविष्य की दिशा

 स्थायी पर्यटन

धार जिले में स्थायी पर्यटन के लिए उपायों की आवश्यकता है। पर्यावरण के अनुकूल पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन को सक्रिय भूमिका निभानी होगी, जैसे कि इको-फ्रेंडली होटलों का निर्माण, ऊर्जा की बचत, और कचरे का सही निपटान।

 

बुनियादी ढाँचे में सुधार

धार जिले में पर्यटन के लिए बुनियादी ढांचे में सुधार की आवश्यकता है। बेहतर सड़कें, पार्किंग, और अन्य सुविधाएँ प्रदान करने से पर्यटकों के अनुभव में सुधार होगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में भी वृद्धि होगी।

 

 स्थानीय समुदाय को शामिल करना

स्थानीय समुदाय को पर्यटन उद्योग में अधिक से अधिक शामिल करने की आवश्यकता है। इससे न केवल स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा, बल्कि वे अपनी संस्कृति और धरोहर को संरक्षित करने में भी सहायक होंगे।

 

निष्कर्ष

धार जिला मध्य प्रदेश का एक महत्वपूर्ण जिला है, जहाँ की ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत इसे एक खास पहचान देती है। इसकी जनसंख्या, प्रशासनिक ढांचा, आर्थिक गतिविधियाँ और तेजी से उभरता पर्यटन उद्योग इसे राज्य के प्रमुख जिलों में शामिल करता है। सही योजनाओं और नीति क्रियान्वयन से यह जिला आने वाले वर्षों में और अधिक प्रगति कर सकता है।

धार जिले का धार्मिक-ऐतिहासिक पर्यटन क्षेत्र न केवल भारत के सांस्कृतिक धरोहर का प्रतिनिधित्व करता है, बल्कि यह स्थानीय और राज्य स्तर पर आर्थिक विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है। हालांकि, इस क्षेत्र के विस्तार के लिए कई चुनौतियाँ हैं, लेकिन सही नीतियाँ और सुधारात्मक उपाय इसे एक स्थायी और समृद्ध पर्यटन गंतव्य बना सकते हैं।

धार्मिक पर्यटन का बढ़ता महत्व, मानव समाज के आर्थिक और सामाजिक विकास में, पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है और स्थानीय विकास को प्रभावित कर सकता है।

  

REFERENCES

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